Bharat Ek Khoj -- Srishtee Se Pehle

स्रिष्टी से पहले सत् नहीं था, असत् भी नहीं
अंतरिक्ष भी नहीं, आकाश भी नहीं था
छिपा था क्या, कहाँ, किसने ढ़का था
उस पल तो अगम अटल जल भी कहाँ था

स्रिष्टी का कौन है कर्त्ता
कर्त्ता हैं वा अकर्त्ता
ऊँचे आकाश में रहता
सदा अदर्ष्ट बना रहता
वही सचमुच में जानता, या नहीं भी जानता
है किसी को नहीं पता
नहीं पता, नहीं है पता

...read more

Hum Kare Rashtra Aaradhan

Hum Kare Rashtra Aaradhan
- from Chanakya Serial on Doordarshan TV

हम करें राष्ट्र आराधन
हम करें राष्ट्र आराधन.. आराधन

तन से, मन से, धन से
तन मन धन जीवन से
हम करें राष्ट्र आराधन
हम करें राष्ट्र आराधन.. आराधन

...read more

Pushp Ki Abhilasha

पुष्प की अभिलाषा
- माखनलाल चतुर्वेदी (Makhanlal Chaturvedi)

चाह नहीं मैं सुरबाला के
गहनों में गूँथा जाऊँ

चाह नहीं, प्रेमी-माला में
बिंध प्यारी को ललचाऊँ

...read more

Ek Aashirvaad

एक आशीर्वाद
- दुष्यन्त कुमार (Dushyant Kumar)

जा तेरे स्वप्न बड़े हों।
भावना की गोद से उतर कर
जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें।
चाँद तारों सी अप्राप्य ऊचाँइयों के लिये
रूठना मचलना सीखें।
हँसें
मुस्कुराऐं
गाऐं।

...read more

Aaj Phir Shuru Hua Jeevan

आज फिर शुरू हुआ जीवन
- रघुवीर सहाय

आज फिर शुरू हुआ जीवन
आज मैंने एक छोटी-सी सरल-सी कविता पढ़ी
आज मैंने सूरज को डूबते देर तक देखा

...read more

तूफानों की ओर घुमा दो नाविक निज पतवार

तूफानों की ओर घुमा दो नाविक निज पतवार

आज सिन्धु ने विष उगला है
लहरों का यौवन मचला है
आज ह्रदय में और सिन्धु में
साथ उठा है ज्वार

तूफानों की ओर घुमा दो नाविक निज पतवार

लहरों के स्वर में कुछ बोलो
इस अंधड में साहस तोलो
कभी-कभी मिलता जीवन में
तूफानों का प्यार

...read more

Tumhare Saath Rehkar

तुम्हारे साथ रहकर
- सर्वेश्वरदयाल सक्सेना (Sarveshwar Dayal Saxena)

तुम्हारे साथ रहकर
अक्सर मुझे ऐसा महसूस हुआ है
कि दिशाएँ पास आ गयी हैं,
हर रास्ता छोटा हो गया है,
दुनिया सिमटकर
एक आँगन-सी बन गयी है
जो खचाखच भरा है,
कहीं भी एकान्त नहीं
न बाहर, न भीतर।

...read more

Koshish Karne Walon Ki

कोशिश करने वालों की
- सोहन लाल द्विवेदी (Sohan Lal Dwivedi)

Few people think that it is from सूर्यकांत त्रिपाठी "निराला" or हरिवंशराय बच्चन (Harivansh Rai Bachchan). But it has been clarified directly by Amitabh Bachchan ji in following msg on facebook - https://www.facebook.com/AmitabhBachchan/posts/1153934214640366)

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है,
चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है।
मन का विश्वास रगों में साहस भरता है,
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है।
आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

...read more

Leek Par Woh Chale

लीक पर वे चलें जिनके..
- सर्वेश्वरदयाल सक्सेना (Sarveshwar Dayal Saxena)

लीक पर वे चलें जिनके
चरण दुर्बल और हारे हैं
हमें तो जो हमारी यात्रा से बने
ऐसे अनिर्मित पन्थ प्यारे हैं

साक्षी हों राह रोके खड़े
पीले बाँस के झुरमुट
कि उनमें गा रही है जो हवा
उसी से लिपटे हुए सपने हमारे हैं

...read more

Reading and Writing in Hindi on Ubuntu Linux

Now-a-days most linux distributions support reading and writing in any unicode language easily. Following are the instructions for enabling hindi support in Ubuntu (it's based on Ubuntu Edgy, but I think it's same for Dapper).

Reading Hindi Websites

By default, Firefox will show unicode hindi font based websites, but font is all garbled - especially 'choti e ki matra' is rendered incorrectly...

...read more